한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español हिन्दी Português Русский Đăng nhậpĐăng ký

Đăng nhập

Xin hoan nghênh!

Cảm ơn quý vị và các bạn đến với trang Web của
Hội Thánh của Đức Chúa Trời Hiệp Hội Truyền Giáo Tin Lành Thế Giới.

Bạn có thể đăng nhập để sử dụng menu dành riêng cho hội viên.
Đăng nhập
Tên truy nhập
Mật khẩu

Bạn đã quên mật khẩu chăng? / Đăng ký

कोरिया के फोहांग में भूकंप पीड़ितों के लिए मुफ्त भोजन सेवा और राहत दान

  • Hoạt động cứu hộ tai nạn
  • Quốc gia | Hàn Quốc
  • Ngày | 19/12/2017
ⓒ 2017 WATV
Ngày 19 tháng 12, tổng hội trưởng mục sư Kim Joo Cheol trao tặng quỹ quyên góp giúp nạn nhân động đất tới phó thị trưởng Choi Ung, thành phố Pohang.


15 नवंबर की दोपहर को करीब 2:30 बजे, कोरिया एक क्षण के लिए हिला। फोहांग के ह्ंगहे–उप में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया और डेगू, बुसान, इनचान और सियोल सहित देश के सभी भागों में झटके महसूस हुए। रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह कोरिया में दूसरा सबसे बड़ा भूकंप है, लेकिन नुकसान सबसे अधिक हुआ। भूकंप का केंद्र, फोहांग में अधिकांश क्षति हुई। 90 से अधिक लोग घायल हुए और 27,000 नागरिक सुविधाएं और घर क्षतिग्रस्त हुए या ढह गए जिसका नुकसान 50 अरब कोरियाई वन से अधिक हुआ।

पीड़ित लोग अपने घोंसलों को एक क्षण में खोकर बहुत गहरे सदमे में और परेशान थे। उनमें से ज्यादातर लोग अपने घरों के ढह जाने के खतरे में घबराहट से बाहर आए और लौटने के किसी भी वादे के बिना व्यायामशाला जैसी अस्थायी शरण–स्थान में रहे।

कोरियाई सरकार ने फोहांग शहर को एक विशेष आपदा क्षेत्र के रूप में घोषित किया और क्षति को ठीक करने के लिए उपाय किए। उस बीच, पीड़ितों को सभी क्षेत्रों से राहत दान और राहत सामग्रियां तेजी से वितरित की गई। फोहांग में चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों ने भी संकट में पड़े पड़ोसियों के साथ रहकर उनकी मदद की। उन्होंने ह्ंगहे व्यायामशाला के बगल में मुफ्त भोजन शिविर स्थापित की जहां 400 से अधिक भूकंप पीड़ित रह रहे थे, और 21 नवंबर से पीड़ितों को भोजन प्रदान किया जिनकी आवास की समस्या हल होने के बावजूद भोजन करने में कठिनाई थी। उनके लिए चर्च के स्वयंसेवकों ने स्वाद, पोषण और स्वच्छता का विचार करके चावल और सूप पकाया। इसके अलावा, उन्होंने खराब वायु–संचालन के कारण बीमारी फैलने की चिंता करते हुए, सुबह और शाम को स्वेच्छा से व्यायामशाला को साफ किया।

चर्च ऑफ गॉड का मुफ्त भोजन शिविर सब्त के दिन को छोड़कर सप्ताह में 6 दिनों के लिए खोला गया और आगंतुकों की प्रतिदिन औसत संख्या 200 से 400 थी। ज्यादातर शरणार्थी लगभग 70 से लेकर 80 वर्ष की आयु के थे, लेकिन 30 से 40 आयु वाले वयस्क भी थे जो सुबह अपने काम पर जाते और शाम को व्यायामशाला में लौटते थे, और उनमें गृहिणियां भी थीं जो स्कूल के बाद अपने बच्चों को लेती और शिविर में आती थीं।

ह्ंगहे–उप में रहनेवाले किम हू–बुल नामक एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, “उनके परोसे गए हर एक भोजन से उनकी ईमानदारी दिखती है। वे ठीक मेरे बेटे या बेटी की तरह इतने दयालु हैं कि मैं अपने घर के बाहर इस पीड़ा को सहन कर सकता हूं।” ह्ंगहे–उप में रहनेवाले दूसरे वरिष्ठ नागरिक ली ग्वांग–यल ने जो भूकंप के बाद चिंता के कारण नहीं सो पाए, कहा, “मैंने अपने जीवन की नींव और आशा को भी खोया। लेकिन बहुत से लोग हमें सांत्वना देने के लिए आए। मैं उन्हें बहुत अधिक धन्यवाद देता हूं। मैं हौसला रखूंगा और स्वयंसेवकों का बदला चूकाने के लिए यत्न से जीऊंगा जिन्होंने हमारी दिन रात ऐसी मदद की जैसे हम उनके खुदके परिवार हों।”

शिविर में सरकारी अधिकारियों और स्वयंसेवकों के लिए भी भोजन प्रदान किया जाता है जो पीड़ितों की मदद करने और राहत कार्य करने में व्यस्त हैं। भोजन सेवा के अलावा शिविर का उपयोग एक खुले विश्रामस्थान के रूप में किया जा रहा है जहां पीड़ित एक पल के लिए भी अपने दुख को भूलकर एक कप चाय पीते हैं, और अतिथि कक्ष के रूप में जहां सरकारी अधिकारी और स्वयंसेवक उपयोगी जानकारी साझा कर सकते हैं।

ⓒ 2017 WATV

19 दिसंबर को, व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, माता ने प्रधान पादरी किम जू चिअल और वरिष्ठ पादरियों के साथ पीड़ितों को सांत्वना देने और चर्च के सदस्यों को जो ठंड मौसम में पीड़ित हो रहे हैं, प्रोत्साहित करने के लिए फोहांग का दौरा किया। करीब दोपहर 3 बजे, वे पहले फोहांग सिटी हॉल पर गए और चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों से इकट्ठा किए गए दस कारोड़ वनह्यएक सौ हजार डॉलरहृ का राहत दान दिया और सार्वजनिक अधिकारियों को सांत्वना दी जो भूकंप के बाद राहत कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं। उप महापौर छवे उंग ने जिसने समूह का स्वागत किया, कहा, “मुफ्त भोजन सेवा और राहत दान से हमारी मदद करने के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।” उसने अपने संकल्प को भी व्यक्त किया, “हम भूकंप के विरुद्ध सुरक्षा उपाय अपनाएंगे और फोहांग को कोरिया में सबसे सुरक्षित जगह बनाएंगे।”

अगला स्थान जहां माता और सहगामी आगे बढ़े, वह ह्ंगहे व्यायामशाला में चर्च ऑफ गॉड का मुफ्त भोजन शिविर था, जहां सदस्य स्वयंसेवा कार्य कर रहे थे। माता ने हर एक सदस्यों से हाथ मिलाकर उन्हें प्रोत्साहित किया जो ठंड सर्दी में भी माता के मन से पीड़ितों की सेवा कर रहे थे। माता ने पके हुए चावल, सूप और अन्य व्यंजनों को देखकर उनकी प्रशंसा की, “चूंकि आपने पूरे मन से ये बनाए हैं तो पीड़ित सामथ्र्य पाएंगे। यह बहुत स्वादिष्ट है।” माता ने उन्हें आशीष भी दी, “आप अच्छे कार्य कर रहे हैं, तो आप अधिक आशीष पाएंगे।” वहां एक 70 वर्ष की वृद्ध महिला थी जो शिविर में देर से दोपहर का खाना खा रही थी। माता ने उसे शांत किया और उसे प्रोत्साहित किया कि चूंकि उसके पड़ोसी उसके साथ हैं, तो वह हिम्मत न हारे। उसने माता को हार्दिक देखभाल के लिए धन्यवाद दिया।

महिला ने कहा, “भोजन मेरे मुंह में पिघलता है। मैं पहले मरना चाहती थी लेकिन अब मैं जीना चाहती हूं, इन सुंदर लोगों को इसके लिए धन्यवाद। अब मुझे आशा है। आपका बहुत बहुत धन्यवाद। बाद में, मैं भी दूसरों की मदद करते हुए और उनके साथ थोड़ा सा भी साझा करते हुए जीना चाहूंगी।”

उस शाम, माता ने फोहांग के जुंगआंग चर्च ऑफ गॉड का दौरा किया, जहां फोहांग और ग्यंगजु के सदस्यों के साथ तीसरे दिन की आराधना आयोजित की गई थी। माता ने सिर्फ फोहांग के सदस्यों को नहीं लेकिन ग्यंगजु के सदस्यों को भी, जो पिछले वर्ष भूकंप से पीड़ित थे, आराधना में बुलाया और कहा, “मैंने बहुत चिंता की, लेकिन मैंने सुना कि हमारे सदस्यों को परमेश्वर के अनुग्रह से कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन आइए हम अपने पड़ोसियों को हमारे सदस्यों के समान मानें।” उन्होंने चर्च के सदस्यों के प्रति अपने आभार को व्यक्त किया जो एक मन से पीड़ितों की मदद कर रहे थे। यह आशा करते हुए कि सभी पड़ोसी भी विपत्तियों से बच सकें और उद्धार पा सकें, उन्होंने सदस्यों से कहा कि शारीरिक और आत्मिक रूप से पड़ोसियों से प्रेम करने के लिए अधिक प्रयास करें। प्रधान पादरी किम जू चिअल ने “सबसे महान कार्य,” इस विषय के अंतर्गत उपदेश देते हुए सदस्यों के गौरव को जगाया जो सबसे महान परमेश्वर के साथ सुसमाचार का प्रचार कर रहे हैं और प्रेम का अभ्यास कर रहे हैं।

फोहांग में लगभग 1,800 भूकंप पीड़ित सरकार द्वारा आपूर्ति किए गए किराए के घरों में गए, लेकिन 500 लोग अब भी अतिरिक्त पतन के खतरे या चिंता के मारे ह्ंगहे व्यायामशाला सहित अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं। चर्च के स्वयंसेवकों ने यह कहते हुए अपनी इच्छा व्यक्त की, “जब हम उन्हें देखते हैं जो आंसू भरी आंखों से हमें धन्यवाद देते हैं और जिनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है, तो हम उनकी थोड़ी सी भी मदद करने के लिए खुश हैं। हमारे शिविर का दौरा करके वे कहते हैं, ‘यह मेरा घर है,’ या ‘यह मेरी बेटी का घर है,’ और वे हमारी सेहत के बारे में भी चिंता करते हैं। हम इस सेवा के लिए तब तक अपना सर्वोत्तम प्रयास करेंगे जब तक वे स्वस्थ शरीर और मन से अपने घोंसलों में न लौट जाएं।”
Video giới thiệu Hội Thánh
CLOSE